।। कहां गए वो रिश्ते नाते।।


।। कहां गए वो रिश्ते नाते।।






क्यों लोगों की प्यार की बातें,
 बदल गया है गाली में ।

 दिल में जो प्यार का सागर था,

 अब रह गया है प्याली में।

      रिश्ते के धागे को क्यों,

       लोग बुन रहे हैं जाली मे।

       अच्छे व्यवहार धीरे धीरे,

       बदल रहा है मवाली में।

 झूठे अपनापन और नाता,

 और सब झूठा दावा है।

 अंदर से हैं घात लगाए,

 ऊपर से रिश्ते का दिखावा है।

ये भी पढें :-
  • ।। कहां गई थी छोटी चिरैयाँ ।।   
  • ।। अभी नहीं फल का मौसम ।।
  • ।। अपना घर मुझे बनाने दो ।।
   झूठे रिश्ते के धागे,

      आज सभी के पास है।

      कोई रिश्ता किसी के लिए,

      नहीं रह गया खास है।

 प्यार से बात नहीं कर सकते,

 डरने को हरदम तैयार है।

 बातों से किसी को घायल कर दे,

 जुबान में इतनी धार है।


 Thanks for reading📝

             Ashok Kumar✍

     

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